Plot:
“मया देदे मयारू” एक भावनात्मक और सामाजिक छत्तीसगढ़ी फिल्म है, जिसकी कहानी सच्चे प्रेम, त्याग और रिश्तों की कड़वी सच्चाइयों को गहराई से दर्शाती है। फिल्म एक सीधे-सादे, संस्कारी युवक और एक भावुक लेकिन मजबूत सोच वाली युवती की प्रेम कहानी से शुरू होती है, जहाँ दोनों का रिश्ता निश्छल मया (प्रेम) पर टिका होता है। लेकिन जैसे-जैसे जीवन आगे बढ़ता है, समाज की सोच, आर्थिक असमानता, पारिवारिक दबाव और कुछ स्वार्थी लोगों की चालें उनके प्रेम के बीच दरार डालने लगती हैं। गलतफहमियाँ पैदा की जाती हैं, रिश्तों को सौदे में बदला जाता है और प्रेम को स्वार्थ की तराजू में तौला जाने लगता है। इन परिस्थितियों में नायक को यह समझ आता है कि सच्ची मया सिर्फ पाने का नाम नहीं, बल्कि हालात चाहे जैसे हों, निभाने और छोड़ने का साहस रखने का नाम है। फिल्म भावनात्मक उतार-चढ़ाव के साथ यह सशक्त संदेश देती है कि मया माँगने से नहीं मिलती, वह दिल से दी जाती है, और वही प्रेम सच्चा होता है जो स्वार्थ से ऊपर उठकर रिश्तों की मर्यादा निभाए।
Language: Chhattisgarh
CBFC: U