Plot:
“मोर छइहाँ भुइयाँ” (2000) एक सामाजिक-पारिवारिक छत्तीसगढ़ी फिल्म है, जिसकी कहानी गाँव की मिट्टी, परंपराओं और आपसी रिश्तों से गहराई से जुड़ी हुई है। फिल्म एक सरल, ईमानदार और संस्कारी युवक की कहानी कहती है, जो अपनी जमीन, परिवार और मूल्यों से गहरा लगाव रखता है। आधुनिक सोच और स्वार्थी तत्वों के कारण गाँव की शांति और सामूहिक जीवन में टकराव पैदा होता है, लेकिन प्रेम, हास्य और भावनात्मक घटनाओं के माध्यम से कहानी आगे बढ़ती है। अंततः यह फिल्म यह संदेश देती है कि अपनी “छइहाँ भुइयाँ” यानी अपनी जन्मभूमि, संस्कार और परिवार से जुड़ाव ही इंसान की असली पहचान और ताकत होती है, और इन्हीं मूल्यों में सच्चा सुख और सम्मान छिपा होता है। मोर छइहाँ भुइयाँ वर्ष 2000 में बनी एक छत्तीसगढ़ी भाषा की कॉमेडी-ड्रामा फिल्म है, जिसका निर्देशन सतीश जैन ने किया था। फिल्म में शेखर सोनी, अनुज शर्मा, पूनम नक़वी, जागृति राय, आशीष शेंद्रे और मनमोहन ठाकुर ने प्रमुख भूमिकाएँ निभाईं। यह फिल्म घर द्वार (1971) के बाद छत्तीसगढ़ी भाषा में बनी पहली फिल्म थी। 27 अक्टूबर 2000 (दीपावली) के दिन रिलीज़ हुई यह फिल्म व्यावसायिक और समीक्षात्मक दोनों दृष्टि से अत्यंत सफल रही। शिवदयाल जैन द्वारा निर्मित इस फिल्म को अनुज शर्मा की डेब्यू फिल्म के रूप में जाना जाता है और इसे छत्तीसगढ़ के अपने फिल्म उद्योग, यानी छॉलीवुड, को नई दिशा और गति देने का श्रेय भी दिया जाता है।
Language: Chhattisgarh
CBFC: U