July 11, 1937
माण्णू नायक (Mannu Nayak) छत्तीसगढ़ी सिनेमा के जनक माने जाते हैं। ये एक प्रसिद्ध रंगकर्मी, लेखक और निर्देशक थे, जिन्होंने छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति को मंच और फ़िल्म के माध्यम से पहचान दिलाई। 1965 में बनी पहली छत्तीसगढ़ी फ़िल्म "कहि देबे संदेस" के निर्देशक और लेखक के रूप में माण्णू नायक ने क्षेत्रीय सिनेमा की नींव रखी। उनकी रचनाएँ हमेशा सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रहीं — जातिवाद, छुआछूत और गरीबों की समस्याओं को उन्होंने अपनी कला का माध्यम बनाकर समाज के सामने रखा। वे जनसंघर्ष और लोकसंस्कृति के सशक्त प्रवक्ता थे। माण्णू नायक सिर्फ एक फ़िल्मकार नहीं थे, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोकआत्मा के सच्चे प्रतिनिधि थे।